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यदि आप भी किसी दूसरे राज्‍य की सीमा में प्रवेश कर रहे हैं तो पहले जान लें नियम, जिससे न हो परेशानी

संकलन : Vyas Sachin | प्रकाशन तिथि : 08-06-2021 16:45

 

नई दिल्‍ली (ऑनलाइन डेस्‍क)। देश के कई राज्‍यों ने कोरोना की रोकथाम को लगाए प्रतिबंधों में अब ढील देनी शुरू कर दी है। हालांकि बाहरी राज्‍यों से आने वालों के लिए कुछ नियमों का पालन जरूर किया जा रहा है। कुछ राज्‍यों ने बाहरी राज्‍यों से आने वालों के लिए आरटीपीसीआर टेस्‍ट करवाने को जरूरी बनाया हुआ है। वहीं कुछ राज्‍यों ने अपने यहां पर अन्‍य राज्‍यों से आने वालों के लिए ईपास को जरूरी बनाया हुआ है। यहां पर आपको ये भी बता दें कि भले ही राज्‍यों ने कोई भी नियम बनाया हो लेकिन सभी राज्‍य इस बात का विशेष ध्‍यान रख रहे हैं कि एक दूसरे से दूरी और मास्‍क लगाने के नियम का हर हाल में पालन किया जाए।

आपको यहां पर ये भी बता दें कि सरकार इस बारे में भी विचार कर रही है कि जिन लोगों ने वैक्‍सीन की दोनों खुराक ले ली है उन्‍हें बिना आरटीपीसीआर रिपोर्ट के विमान में सफर करने की इजाजत दी जाए। हालांकि इस पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं किया गया है। इस पर अंतिम फैसला नागरिक उड्डयन मंत्रालय, संबंधित नोडल एजेंसी और विशेषज्ञों की राय पर किया जाएगा। लेकिन इसमें भी जनता के हितों को सर्वोच्‍च प्राथमिकता दी जाएगी।

राजधानी दिल्‍ली की ही बात करें तो यहां पर बाहरी राज्‍यों से आने वाले ऐसे लोगों को जिन्‍होंने वैक्‍सीन की दोनों या एक खुराक ले रखी है उसको अपने पास इसका सर्टिफिकेट रखना होगा। इसके अलावा कोई ऐसा व्‍यक्ति जो अपने निजी वाहन से दिल्‍ली से होकर अन्‍य राज्‍यों में जा रहा है उसको दिल्‍ली में रुकने नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा वो यात्री जो इसके लिए सरकारी परिवहन का इस्‍तेमाल कर रहे हैं उनका बस अड्डे पर आरटीपीसीआर टेस्‍ट किया जाएगा। इसी तरह से हवाई अड्डे और रेलवे स्‍टेशन पर बाहर से आने वालों का टेस्‍ट किया जाएगा। आपको बता दें दिलली ने 1 जून से ही कोरोना की रोकथाम को लगाए गए प्रतिबंधों में ढील देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत 7 जून से बाजारों को ऑड-इवेन के जरिए खोल दिया गया है।

महाराष्‍ट्र सरकार ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए बाहरी राज्‍यों से आने वालों के लिए राज्‍य की सीमा पर ही टेस्टिंग को जरूरी बनाया था। हालांकि यहां पर भी रेलवे स्‍टेशन, बस अड्डों और हवाई अड्डों पर टेस्टिंग और थर्मल स्‍केनिंग की जा रही है। संदेह होने पर यात्री को अपने खर्च पर आरटीपीसीआर करानी अनिवार्य होगी। राज्‍यों के जिलों में जाने के लिए भी ईपास की सुविधा दी गई है। यात्रियों को आरोग्‍य सेतू एप रखना जरूरी होगा। केरल, राजस्‍थान, गुजरात, दिल्‍ली और गोवा से आने वालों को अपनी आरटीपीसीआर टेस्‍ट दिखानी होगी। जिन लोगों के पास ये रिपोर्ट नहीं होगी उन्‍हें अपने खर्च पर ये करवानी होगी। भारतीय सेना के जवानों और नवजात बच्‍चों को इससे छूट दी गई है। हवाई यात्रा करने वालों को 48 घंटे के अंदर की अपनी आरटीपीसीआर रिपोर्ट एयरपोर्ट पर दिखानी होगी।

बिहार में भी बाहरी राज्‍यों से आने वालों के लिए रेलवे स्‍टेशनों, बस अड्डों और हवाई अड्डे पर आरटीपीसीआर टेस्‍ट कराना होगा। हालांकि जिन लोगों के पास अपनी कोरोना की नेगेटिव रिपोर्ट है उन्‍हें इसमें छूट भी है। साथ ही ऐसे लोगों को जिन्‍होंने वैक्‍सीन की दोनों या एक खुराक ले ली है उन्‍हें इसका सर्टिफिकेट भी दिखाना जरूरी है। आपको बता दें कि बिहार सरकार ने पहले राज्‍य की सीमा पर ही टेस्टिंग की सुविधा दी थी।

मध्‍य प्रदेश में बाहरी राज्‍यों से आने वालों को रेलवे स्‍टेशन, बस अड्डा और हवाई अड्डे पर थर्मल स्‍केनिंग से गुजरना होगा। यहां पर तापमान बढ़ा हुआ होने की सूरत में यात्री का आरटीपीसीआर टेस्‍ट कराया जाएगा। अपने वाहनों से राज्‍य की सीमा में दाखिल होने वालों को जरूरत पड़ने पर अपनी कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी। इसके अलावा वैक्‍सीन सर्टिफिकेट भी पास रखना जरूरी होगा। 

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