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कोरोना से मुकाबले में जीत रहा है MP, अब संक्रमण दर घटकर 0.7%: मंत्री मिश्रा

संकलन : Shiv Shankar Mishra | प्रकाशन तिथि : 08-06-2021 16:45

 

कोरोना से मुकाबले में जीत रहा है MP, अब संक्रमण दर घटकर 0.7%

भोपाल, मध्यप्रदेश। देशभर में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर धीरे-धीरे थमती जा रही है, वहीं मध्यप्रदेश में कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या लगातार घट रही है, इस बीच मध्यप्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बयान देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में संक्रमण की स्थिति में निरंतर सुधार हो रहा है।

नरोत्तम मिश्रा का बयान

हमेशा अपने बयानों से चर्चा में रहने वाले मध्यप्रदेश गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का फिर सामने आया बयान, नरोत्तम मिश्रा ने कोरोना संक्रमण की स्थिति को लेकर कहा- कोरोना संक्रमण से मुकाबले में अब प्रदेश जीत रहा है। प्रदेश में पिछले 24 घंटे में 535 नए मामले सामने आए हैं,जबकि 1376 लोग स्वस्थ होकर घर गए हैं। प्रदेश में संक्रमण दर घटकर अब 0.7% रह गई है,वहीं रिकवरी रेट 98% तक पहुंच गया है। प्रदेश में वर्तमान में एक्टिव केसों की संख्या 7983 है।

MP में संक्रमितों की संख्या में कमी आने का सिलसिला लगातार जारी

बताते चलें कि मध्यप्रदेश से हर दिन राहत की खबर सामने आ रही हैं, राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या में कमी आने का सिलसिला लगातार जारी है, मध्यप्रदेश में हर दिन कोरोना की रफ्तार धीमी हो रही है, मध्यप्रदेश में मरीजों की संख्या में लगातार आ रही कमी के कारण पॉजिटिविटी रेट घट रहा है वही अब कल से भोपल पूरा भोपाल अनलॉक हो रहा है।

एमपी में जोरों पर चल रहा है वैक्सीनेशन का कार्य :

इस बीच एमपी में कोरोना संक्रमण के घातक प्रकोप से बचने के लिए वैक्सीनेशन का कार्य जोरों पर चल रहा है। बता दें कि मध्यप्रदेश में कुल 3131 वैक्सीनेशन सेंटर पर बीते तीन महीने में 1 करोड़ 12 लाख 76 हजार 844 लोग वैक्सीन (पहला डोज) लगवा चुके हैं, इनमें से 62 लाख 97 हजार 691 पुरुष हैं, जबकि 49 लाख 77 हजार 81 महिलाएं हैं।

कोरोना से मुकाबले में जीत रहा है MP, अब संक्रमण दर घटकर 0.7%: मंत्री मिश्रा

 

वैक्सीनेशन में टॉप रहा है इंदौर :

इसके अलावा वैक्सीनेशन की दौड़ में 18+ वाले युवा सबसे तेज दौड़े हैं। प्रदेश में सिर्फ एक महीने में 18 से 44 साल उम्र वाले कई लोगों को वैक्सीन का पहला डोज लग चुका है, वहीं वैक्सीनेशन में भी इंदौर टॉप रहा है, राजधानी भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर काफी पिछड़ गए हैं, इंदौर की रफ्तार भोपाल से डेढ़ गुना तेज है।

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