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एक महिला चिकित्सा अधिकारी एक कुर्सी पर बैठने के लिए गई और डॉक्टर ने कुर्सी खींची और उसे मारा, जिससे उसकी रीढ़ की हड्डी में चोट लग गई।

संकलन : Vyas Sachin | प्रकाशन तिथि : 09-06-2021 18:36 ▶ अहमदाबाद समाचार

 

मज़ाक महंगा पड़ा :

ऑफिस में कर्मचारी आमतौर पर एक-दूसरे का मजाक उड़ाते हैं। लेकिन कभी-कभी मस्ती किसी के लिए सजा भी बन जाती है। ऐसा ही एक मामला नरोल थाने में सामने आया है। उनके अनुसार, एक चिकित्सा अधिकारी दसकारोई तालुका स्वास्थ्य कार्यालय में एक कुर्सी पर बैठने जा रहे थे, तभी एक साथी डॉक्टर ने कुर्सी खींचकर उन्हें नीचे गिरा दिया। जिससे उनकी रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लग गई। डॉक्टर ने इलाज का खर्च नहीं चुकाने की शिकायत नारोल थाने में दर्ज करायी है।

महिलाएं उठ भी नहीं पातीं

शहर के इसानपुर इलाके में रहने वाली 31 वर्षीय महिला तीन साल से डस्करोई तालुका स्वास्थ्य कार्यालय में चिकित्सा अधिकारी के रूप में कार्यरत है। वह पिछले साल 2020 की दोपहर में दासकोई तालुका स्वास्थ्य कार्यालय नरोल में मौजूद थे। उस समय कार्यालय में अन्य चिकित्सक भी मौजूद थे। उस समय महिला डॉक्टर कुर्सी पर बैठने जा रही थी कि तभी उनके साथ काम कर रहे डॉ. भावेश लिंबाचिया ने कुर्सी खींच ली और गिर पड़े।

इसलिए उन्हें पीठ में दर्द था और वे खड़े नहीं हो पा रहे थे। इस डॉक्टर भावेश ने तब मजाक को मजाक माना और गंभीर कदम को नजरअंदाज कर दिया और महिला से कहा कि बेन मैं मजाक करने गया था और मजाक में कुर्सी खींच ली थी और बस इतना ही। बाद में महिला कमर दर्द से परेशान होकर अपने घर पहुंची।

रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर के कारण मणिनगर में इलाज के बाद उन्होंने अलग-अलग डॉक्टरों को दिखाया।

फिर भी दर्द कम नहीं हुआ। दर्द दो महीने से अधिक समय तक दूर नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने नवरंगपुरा के एक डायग्नोस्टिक सेंटर में एमआरआई कराया, जहां उन्हें रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर का पता चला। बाद में वह इलाज के लिए मणिनगर के एक हड्डी रोग अस्पताल गए। वहां उन्हें डॉक्टर ने बताया कि थैली में रेखीय दरार है। बाद में वह यह दिखाने के लिए मेमनगर के एक अन्य डॉक्टर के पास गया कि उसके स्वास्थ्य में सुधार नहीं हो रहा है।

दोनों के बीच सुलह की बात चल रही थी, जिसके बाद डॉ. भावेश ने कहा कि उन्होंने ऐसा अपमानजनक व्यवहार किया है, वह अपनी शर्तों पर पैसे देने को तैयार थे और सुलह की बात भी हो रही थी। इसलिए महिला ने इस संबंध में शिकायत दर्ज नहीं कराई। बाद में भावेश लिबाचिया महिला ने नारोल थाने में शिकायत दर्ज कराई जिसके खिलाफ मामला मंजूर नहीं हुआ।

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