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21वीं सदी का पहला सूर्य ग्रहण तिथि, समय एवं सूतक की जानकारी

संकलन : MUKESH KUMAR | प्रकाशन तिथि : 10-06-2021 16:48

 

सूर्य ग्रहण  

साल के ही पहले सूर्यग्रहण लगने की शुरुआत  है 15 दिनों के अंदर लगने वाला ये दूसरा ग्रहण है। ज्योतिष के अनुसार यह  कम समय के अंतराल पर पड़ने वाले ग्रहण को अशुभ माना गया  है.  साल कुल मिलाकर 4 सूर्य ग्रहण लग रहे हैं. दो सूर्य ग्रहण और दो  चंद्र ग्रहण. पहला चंद्र ग्रहण 26 मई को लग चुका है जबकि दूसरा चंद्र ग्रहण 19 नवंबर को लगेगा। वहीं 10 जून के बाद दूसरा सूर्य ग्रहण 4 दिसंबर को लगने  वाला है।  

 भारत मे कहाँ कहाँ  दिखाई देगा सूर्य ग्रहण 

 नासा द्वारा इंवैंट्री मॅप के जरिये यै कहा गया है कि सूर्य ग्रहण धरती पर कहा कहा देखा जा सकता है  । भारत के  अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख  मे सूर्य ग्रहण दिखाई देगा।   आंशिक रूप से सूर्य ग्रहण में दिखेई देगा  जिसकी शुरुआत 12:25 में होगी और 12:51 में यह ख़त्म हो जाएगा।अन्य राज्य मे सूर्य ग्रहण नहीं दिखाई देगा वे लोग लिव स्ट्रीम के द्वारा देख सकते है।  ग्रहण उत्तरी अमेरिका, यूरोप, एशिया में आंशिक रूप से आज का सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। जबकि ग्रीनलैंड, उत्तरी कनाडा और रूस में पूर्ण सूर्य ग्रहण देखने को मिलेगा।  NASA के मैप के मुताबिक, ये सूर्य ग्रहण भारत में सिर्फ लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में दिखाई देगा। 

10 जून सूर्य ग्रहण: ये सूर्य ग्रहण का पहला  साल है । पंचांग अनुसार ये ग्रहण मास महीने की अमावस्या को वृषभ राशि और मृगशिरा नक्षत्र में लगने जा रहा है। इस दिन वट सावित्री व्रत और शनि जयंती भी है।  उत्तरी अमेरिका के उत्तरी भाग, यूरोप और एशिया में आंशिक रूप में दिखाई देगा सूर्य ग्रहण, तो वहीं पूर्ण चन्द्र ग्रहण का नज़ारा  कनाडा, ग्रीनलैंड और रुस को  मिलेगा। दोपहर 1 बजकर 42 मिनट me  ग्रहण की शुरुआत  हो जाएगी और इसकी समाप्ति शाम 6 बजकर 41 मिनट पर होगी। इस ग्रहण के दौरान सूर्य एक आग की अंगूठी या कंगन की तरह चमकता हुआ दिखाई देगा। हालांकि ये नजारा क्षण भर के लिए ही दृष्टिगोचर होगा। 

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