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भरतपुर: बाल विवाह रोकथाम के लिए जारी हुए दिशा-निर्देश

संकलन : Khaim Chand | प्रकाशन तिथि : 07-04-2021 07:26 | राजस्थान समाचार

 

भरतपुर, जिला मजिस्ट्रेट एवं कलक्टर नथमल डिडेल ने अक्षय तृतीया 14 मई एवं पीपल पूर्णिमा 26 मई को होने वाले बाल विवाहों की प्रभावी रोकथाम एवं जन जागृति लाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये हैं। जिला कलेक्टर  डिडेल ने दिशा-निर्देशों के तहत बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों की शत-प्रतिशत पालना सुनिश्चित किये जाने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिये हैं तथा उपखण्ड क्षेत्रों में उपखण्ड अधिकारी एवं तहसीलदारों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी के रूप में मनोनीत किया है।

ये अधिकारी बाल विवाह प्रतिषेध अधिकार अधिनियम के तहत कत्र्तव्यों की नियमानुसार पालना करेंगे। किसी भी मामले में लापरवाही बरती जाने पर जबावदेही तय की जायेगी। उन्होंने बताया कि जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष जिला कलेक्ट्रेट में तत्काल रूप से स्थापित कर दिया गया है | जिसका दूरभाष नं. 05644-220320 है जिस पर बाल विवाह के संबंध में तत्काल सूचना दी जा सकेगी। यह नियंत्रण कक्ष 24 घंटे कार्य करेंगे। उन्होंने बताया कि उपखण्ड अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र के संबंधित पुलिस अधिकारियों व अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर बाल विवाह की रोकथाम के लिए कार्य योजना तैयार करेंगे। उन्होंने बताया कि बाल विवाह को रोकने के लिए उसके दुष्परिणामों की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जायेगा साथ ही बाल विवाह एक संज्ञेय एवं गैर जमानती
अपराध होने की जानकारी आमजन पहुंचायेंगे। उन्होंने बताया कि बाल विवाह में शरीक होने वाले एवं सहयोग करने वाले समस्त व्यक्ति भी अपराधी की
श्रेणी में आयेंगे एवं उन पर भी कार्यवाही की जायेगी साथ ही उनसे बाल विवाह में सहयोग न करने का आश्वासन लेकर कानून के बारे में जानकारी दी
जायेगी।

उन्होंने बताया कि बाल विवाह की सूचना मिलने पर तत्काल कार्यवाही की जायेगी तथा आवश्यक औपचारिकताओं की पूर्ति बाद में की जायेगी। उन्होंने आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं में भी बाल विवाह के दुष्परिणाम एवं कानूनी कार्यवाही के संबंध में जानकारी देने के निर्देश दिये। उन्होंने प्रिन्टिंग प्रेस  के संचालकों को निर्देश दिये हैं कि वे विवाह के आमंत्रण पत्रों पर वर-वधु की जन्म तिथि अंकित करना  एवं बाल विवाह एक सामाजिक अपराध
है।  

उन्होंने इस अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेने तथा पंचायत समिति एवं नगर पालिकाओं की बैठकों एवं विद्यालयों की प्रार्थना सभाओं में
भी बाल विवाह रोकथाम की चर्चा करने के निर्देश दिये। उन्होंने बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि इस संबंध में की जाने वाली
समस्त कार्यवाही की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए मीडिया का सकारात्मक सहयोग लें एवं व्यापक प्रचार करें , उपनिदेशक को जिला स्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त किया है तथा जिला रसद अधिकारी को निर्देश दिये हैं कि वे समस्त राशन डीलरों की तहसील स्तर
पर बैठक आयोजित कर बाल विवाह के संबंध में जानकारी दें।

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