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रिश्तेदारों–परिजनों को मैसेज भेजें–या नहीं आए; जहां है। वहीं से कर ले अंतिम दर्शन

संकलन : Vyas Sachin | प्रकाशन तिथि : 07-04-2021 10:36

 

कोरोना काल में लाइव दाह संस्कार :

कोरोना के फिर से बढ़ते संक्रमण के बीच एक परिवार ने अंतिम क्रिया और अंतिम संस्कार लाइव कर भीड़ नहीं जुटने दी। रजत नगर में रहने वाले परिवार के 95 वर्षीय सदस्य भजनलाल गोयल का सोमवार को निधन होते ही तय कर लिया कि ज्यादा लोग नहीं जुटें।

सोशल मीडिया पर रिश्तेदारों और परिचितों को निधन की सूचना देने के साथ ही आग्रह कर दिया

कि-आप यहां नहीं आएं। उन्हें अंतिम क्रिया और अंतिम संस्कार का समय की जानकारी देकर कहा गया कि आप जहां हैं, वहीं से लाइव प्रसारण से गमी में शरीक हो सकते हैं।

पाली में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए 

 उनके बेटे चैनराज गोयल व नेमीचंद गोयल ने पहले घर और बाद में श्मशान घाट से लाइव वीडियो प्रसारण की व्यवस्था करवा दी। ज्यादातर लोगों ने घर बैठे ही शोक जताते हुए अंतिम विदाई में वर्चुअली शिरकत कर ली। जो चुनिंदा निकट संबंधी अंतिम यात्रा में शामिल हुए, उन्होंने मास्क और सोशल डिस्टेंस का ख्याल रखा।

मैसज में लिखा-घर ही रहें, हमें आपकी भी फिक्र है 

  भजनलाल के पोते घनश्याम गोयल द्वारा भेजे गए मैसेज में शवयात्रा में शामिल नहीं होने का आग्रह किया गया। गोयल ने लिखा कि मेरे दादाजी का देहांत हो गया है, उनका दाह संस्कार मंगलवार सुबह किया जाएगा। आपसे निवेदन है कि आप कोरोना को देखते हुए शवयात्रा में शामिल होने नहीं आएं, घर से ही श्रद्धांजलि दे दें और अंतिम दर्शन लाइव पर कर लें, ताकि अंतिम यात्रा में भीड़ अधिक न हो और आप कोरोना से बचे रहें।

कोरोना नहीं फैले इसलिए ऐसा निर्णय लिया है, आप हमें क्षमा करें। पुत्र चैनराज और नेमीचंद गोयल ने भास्कर से कहा कि कोरोना संक्रमण रोकने लिए ऐसे निर्णय जरूरी हैं। परिजनों की सहमति से ही सब संभव हो सका।

प्रसारक बोला-अब ऐसे ऑर्डर आने लगे हैं 

एक-दो बार मेरे पास भी अंतिम यात्रा के लाइव के ऑर्डर आए थे। समयाभाव के कारण मैंने टाल दिए। कोरोना काल में ये नया बदलाव है। अब लोग कोरोना को देखते हुए अधिक भीड़ न हो इसके लिए लाइव करवा रहे हैं। मैंने एक वर्कर इन्ही ऑर्डर के लिए रखा है क्योंकि इसका ऑर्डर और काम तो चंद घंटों के दरमियान ही होता है।

 

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