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जापान ने US के जिस जहाज को सबसे ज्यादा गहराई में भेजा, पहली बार उसकी तस्वीरें मिलीं

संकलन : Vyas Sachin | प्रकाशन तिथि : 07-04-2021 12:21

 

साइंस न्यूज़

दुनिया की सबसे गहराई में मौजूद जहाज की पहली बार HD तस्वीरें ली गई हैं. ये जहाज समुद्र के अंदर 6456 मीटर यानी 21,180 फीट नीचे हैं. ये इतनी गहराई है कि इसमें 8 बुर्ज खलीफा समा जाए. पहली बार इस जहाज के पास पहुंचने वाले दो खोजकर्ता अमेरिकी नौसेना के रिटायर्ड अधिकारी हैं. ये जहाज असल में अमेरिकी नौसेना का युद्धपोत था, जो जापान के साथ युद्ध में ध्वस्त होकर समुद्र में समा गया था

इस जहाज का नाम है यूएसएस जॉन्सटन (USS Johnston). द्वितीय विश्व युद्ध के समय 25 अक्टूबर 1944 को इस युद्धपोत को जापानी सैनिकों ने लीटे खाड़ी के युद्ध (Battle of Leyte Gulf) में मार गिराया था. तब से लेकर अब तक ये जहाज समुद्र के अंदर ही पड़ा है. यह युद्ध नौसैनिक इतिहास का सबसे लंबा चलने वाला युद्ध था. 

अमेरिकी नेवी के डेस्ट्रॉयर यूएसएस जॉन्सटन (USS Johnston) को पहली बार साल 2019 में खोजा गया था. ये जहाज फिलीपींस सागर के समर आइलैंड के पास समुद्र में डूबा है. उस समय इसकी मौजूदगी को रिमोटली ऑ़परेटेड व्हीकल (ROV) से पुख्ता किया गया था. लेकिन इस तक कोई पहुंच नहीं पाया था. कोई पनडुब्बी भी नहीं.

जापानी बमों का घाव लिए यूएसएस जॉन्सटन (USS Johnston) समुद्र में 21,180 फीट नीचे पड़ा है. इसे खोजने के लिए अमेरिकी नेवी कमांडर विक्टर वेसकोवो ने फंडिंग जुटाई. एक पनडुब्बी तैयार करवाई जो इतनी गहराई में जा सके. मिशन का नाम रखा गया DSV Limiting Factor. इस पनडुब्बी ने युद्धपोत तक दो बार यात्रा की. हर यात्रा में आने-जाने का कुल समय 8 घंटे लगता था. 

ऐसा पहली बार हुआ जब दो इंसान और एक पनडुब्बी इतनी गहराई तक गए हैं. इस पनडुब्बी को इतनी गहराई तक ले जाने वाले लोग हैं- रिटायर्ड यूएस नेवी लेफ्टिनेंट कोमोडोर पार्क्स स्टीफेंसन और शेन ईगलर. शेन ईगलर नौसैनिक इतिहास के एक्सपर्ट और सीनियर सबमरीन टेक्नीशियन हैं. 

दोनों इतनी गहराई में जाने के बाद यूएसएस जॉन्सटन (USS Johnston) के अगले हिस्से, ब्रिज और बीच के हिस्से की तस्वीरें ले पाए. इस जहाज पर हल नंबर 557 आज भी लिखा है.

ये नंबर युद्धपोत के दोनों तरफ लिखा हुआ है. इस युद्धपोत पर आज भी बंदूकों के टरेट्स, दो टॉरपीडो रैक्स और कई बंदूकें लगी हुई हैं. ये साफ-साफ दिखाई देती हैं. 

दोनों खोजकर्ताओं को इस युद्धपोत पर एक भी इंसान के अवशेष या कपड़े नहीं मिले. पार्क्स स्टीफेंसन कहते हैं कि हमने जब युद्धपोत को देखा तो दंग रह गए. उसे देखकर लग रहा था कि उसपर दर्जनों बम और रॉकेट गिराए गए थे. इसके ऊपर अब तक बने सबसे बड़े जापानी युद्धपोत इंपीरियल जापानीज नेवी बैटलशिप यामातो (Yamato) से हमला किया गया था. 

यूएसएस जॉन्सटन (USS Johnston) की लंबाई 376 फीट और चौड़ाई 39 फीट थी. पार्क्स कहते हैं कि उस इस युद्धपोत ने यामातो से आखिरी दम तक संघर्ष किया था. इसके कमांडर अर्नेस्ट इवान्स और इसे युद्ध के बाद बहादुरी के लिए अवॉर्ड भी दिया गया था. इसलिए जब हमने युद्धपोत को देखने के बाद वापस लौटने का सोचा तो हमने वहां अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए.

पार्क्स ने बताया कि लीटे खाड़ी के युद्ध (Battle of Leyte Gulf) में तीन और युद्धपोत नष्ट होकर डूब गए थे. अभी तक उनका पता नहीं चल पाया है. हम उन्हें भी खोजने का प्रयास कर रहे हैं. इससे संबंधित सोनार डेटा, तस्वीरें और फील्ड नोट्स अमेरिकी नौसेना ने अभी तक सार्वजनिक नहीं किए हैं. जब सेना चाहेगी तो सार्वजनिक करेगी.

पार्क्स ने कहा कि हम उस जहाज से कुछ लेकर नहीं आए. लेकिन हमारी यात्रा से कई इतिहासकारों और नौसैनिक एक्सपर्ट्स को लाभ जरूर मिलेगा. नेवी कमांडर विक्टर वेसकोवो ने 2019 में सबसे ज्यादा गहराई में जाकर दुनिया की यात्रा की थी. उन्हें पांच समुद्रों की गहराई नापने का शौक है. इसलिए वो अपनी पनडुब्बी से ऐसे मिशन करते हैं.

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