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बिना आरटीपीसीआर-वैक्सीन के मार्केट में प्रवेश नहीं दे रहे, गुस्से में व्यापारी बोले-कुछ तो राहत दो

संकलन : Vyas Sachin | प्रकाशन तिथि : 07-04-2021 13:55 ▶ सूरत समाचार

 

प्रशासन की सख्ती : 

• मार्केट में 45 साल से अधिक वालों को वैक्सीन लेने और उससे कम वालों को आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट पर ही प्रवेश

 कपड़ा मार्केट में 45 साल से कम उम्र वालों के लिए आरटीपीसीआर या रेपिड टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया है। मार्केट में टेस्ट करवाने वाले या वैक्सीन लिया हो उन्हीं को प्रवेश दिया जाए इस लिए सूरत महानगर पालिका और शहर पुलिस संयुक्त तौर पर कपड़ा मार्केट में जाकर जांच कर रही है।

मंगलवार को महालक्ष्मी मार्केट में सुबह 11 बजे मनपा की टीम मार्केट में आने वाले 45 साल से अधिक उम्र के व्यापारियों से वैक्सीन ली यह या नहीं उसकी जांच कर रही थी और 45 साल से कम उम्र के लोगों ने आरटीपीसीआर और रेपिड टेस्ट का नेगेटिव रिपोर्ट लिए हो उन्हीं को प्रवेश देने को लेकर सख्ती अपनाई। इस मुद्दे को लेकर व्यापारी और मनपा कर्मियों के बीच नोक झोंक भी हुई, 200 से अधिक व्यापारी मार्केट के बाहर जा गए और अपना विरोध दर्ज कराया।

सब का टेस्ट कैसे करवाए ? 

कपड़ा व्यापारी चंपकलाल ने कहा कि सभी कपड़ा मार्केट में 45 साल से कम उम्र के लोगों की संख्या काफी अधिक है। सब का टेस्ट कैसे करवाए? मनपा द्वारा व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में व्यापारियों के लिए परेशानी बढ़ गई है। बिना टेस्ट के किसी को मार्केट में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है, इसे व्यापार प्रभावित हो रहा है।

डेढ़ बजे लौट गई टीम, फिर शुरू हुई मार्केट में आवाजाही 

सूरत महानगर पालिका और पुलिस की टीम सुबह में ही 45 साल से कम लोगों का आरटीपीसीआर-रेपिड टेस्ट का रिपोर्ट और 45 साल से अधिक उम्र के लोगो के वैक्सीन की जांच करते है। दोपहर बाद सभी के लिए आवाजाही शुरू हो जाती है। इस कारण मार्केट का कामकाज सुबह के समय प्रभावित रहता है।

टेस्ट के लिए जाने को कहा तो सेंटर पर रैपिट जांच किट खत्म 

 मनपा कर्मियों की हिदायत के बाद व्यापारी और लेबर रेपिड टेस्ट के लिए रिंग रोड ब्रिज के नीचे गए तो किट मनपा कर्मियों की हिदायत के बाद व्यापारी और लेबर रेपिड टेस्ट के लिए रिंग रोड ब्रिज के नीचे गए तो किट खत्म हो चुकी थी । करीब 1 से डेढ़ घण्टे कतार में रहने के बाद भी किट नही आई, क्योंकि रेपिड किट करीब ढ़ाई सौ ही है। मार्केट में आने वाले लोगों की संख्या उसे अधिक है ऐसे में जांच न होने से व्यापारी और लेबर को घंटों परेशानियों का सामना करना पड़ा।

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