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दुर्लभ बीमारी से जूझ रहे 3 महीने की देरी राज के लिए सिर्फ 42 दिन में ही जमा हो गए 16 करोड, मुंबई में इलाज, अमेरिका से आएगा इंजेक्शन

संकलन : Vyas Sachin | प्रकाशन तिथि : 07-04-2021 17:00 | महाराष्ट्र समाचारमुंबई समाचार

 

विश्व स्वास्थ्य दिवस पर सुखद खबर :

दुर्लभ बीमारी से जूझ रहे गुजरात के कानेसर गांव (महिसागर) निवासी धैर्यराज सिंह राठौड़ के इलाज के लिए 42 दिन में 16 करोड़, 6 लाख, 32 हजार 884 रुपए का चंदा जमा हो गया । तीन माह का धैर्यराज स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी फैक्ट शीट (एसएमए-1) नामक बीमारी से जूझ रहा है। यह बीमारी उसके जन्म से ही है।

रोग की पहचान के बाद राठौड़ परिवार को डॉक्टरों ने धैर्यराज के लिए एक वर्ष में 16 करोड़ रुपए का इंतजाम करने को कहा था ताकि इस धन से अमरीका से आने वाला इंजेक्शन मंगवाया जा सके। दो लाख से अधिक दानदाताओं की दरियादिली के चलते 42 दिन में ही 16.6 करोड़ रुपए का चंदा जमा हो गया।

धैर्यराज की सहायता के लिए उनके पिता के नाम से खोले गए बैंक खाते में अब भी जमा हो रही है। 7 मार्च को धैर्यराज के इलाज के लिए एक एनजीओ के सहयोग से खोले गए बैंक एकाउंट में 16 लाख रुपए थे। 6 अप्रैल 2021 तक यह आंकड़ा 16 करोड़ को पार कर गया।

भारत के हर कोने से और विदेशों से भी मिली सहायता 

पैसों का इंतजाम हो जाने के बाद धैर्यराज का अब मुंबई में इलाज होगा। वह अपना जीवन सही ढंग से जी पाएगा। पिता राजदीप सिंह राठौड़ ने बताया कि बेटे धेर्यराज के इलाज के लिए 16 करोड़ रुपए की जरूरत थी। इसके लिए शहर-शहर घूम कर मदद मांगी। लोगों ने दिल खोल कर भरपूर सहयोग किया जिससे यह संभव हो सका। धन का इंतजाम हो जाने के बाद अब धैर्यराज का मुंबई में इलाज होगा।

धैर्यराज के पिता ने बताया कि सभी धर्म के लोगों और भारत ही नहीं विदेशों से भी आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ। अमरीका से आने वाले इंजेक्शन पर 6 करोड़ रुपए का केन्द्र सरकार द्वारा टैक्स माफ होने के बाद इंजेक्शन मंगवाया जाएगा। राजदीप ने बताया कि 16 करोड़ रुपए से अधिक धनराशि जमा होती है तो वह पैसा हम धैर्यराज की तरह ही बीमारी से जूझ रहे बच्चों की सहायता में देंगे। क्या है

एसएमए-1 बीमारी 

ये बीमारी रंगसूत्र-5 की नली में खराबी की वजह से होती है। ये जनन सर्वाइकल में प्रोटीन पैदा करता है। जो मनुष्य के शरीर में न्यूरोन्स की मात्रा को बनाए रखता है। ऐसे बच्चों में इसका स्तर सही नहीं होता है। इससे रीढ़ में कमजोरी आ जाती है और सांस लेने में परेशानी होती है। इस बीमारी का इलाज बहुत महंगा है। इसके लिए 16 करोड़ का इंजेक्शन यूएस से मंगाना पड़ता है। 

गुजरात के धैर्यराज सिंह राठौड़ के इलाज के लिए 42 दिन में 16 करोड़, 6 लाख, 32 हजार 884 रुपए का चंदा जमा हो गया, तीन माह का धैर्यराज स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी फैक्ट शीट (एसएमए-1) नामक बीमारी से जूझ रहा है।

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